शेख़ और ख़रीदी दुल्हन

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शेख़ और ख़रीदी दुल्हन - Hindi version

विक्टोरिया को अल-देहारिया के रेगिस्तानी सल्तनत के युवराज ने बतौर निजी सहायक चुना था. तो फिर क्या वजह थी जो शाही रक्षक उसके कमरे में बेधड़क घुस कर उसे खीँच ले गए, जबकि उसके बदन पर सिर्फ़ अधोवस्त्र ही थे? उसका नालायक बाप पहले भी जुआ खेलते हुए मुश्किल में फंस चुका था. लेकिन कौन सोच सकता था, ताश के खेल में बेईमानी करने की जुर्रत वह शहज़ादे कातेब के साथ करेगा! शाहज़ादे की शख्सियत उसके घाव के दाग से लिपटे चेहरे जितना ही भीषण है. ये दाग गवाह हैं उस असफल अपहरण के, जिसमें, कहा जाता है, उसने किसी आदमी की जान ली थी. शाही महल की ज़िन्दगी छोड़ कर, वह रेगिस्तान के एक गाँव में महीनों गायब हो जाता है. विक्टोरिया को अपने पिता से घृणा है लेकिन मृत्युशैय्या पर पड़ी अपनी माँ को दिया वादा वह नहीं तोड़ सकती. वह शहज़ादे से अपने पिता को छोड़ने की भीख मांगती है, और शहज़ादा राज़ी हो जाता है... पर एक शर्त पर. उसे उसकी प्रेमिका बनना होगा और उसके रेगिस्तानी हरम में शामिल होना होगा!

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